
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने नए साल के शुरुआती दिनों में ही आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। 3-4 जनवरी 2026 को बारामूला के सुचलिवारन (Suchliwaran) जंगल में एक गुप्त आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया गया है।
इस ठिकाने से जो सामान बरामद हुआ है, वह इस बात का संकेत है कि आतंकवादी यहां लंबे समय तक छिपने और बड़ी साजिश रचने की योजना बना रहे थे।
बारामूला सर्च ऑपरेशन: क्या-क्या मिला?
सुरक्षा बलों (पुलिस, CRPF और सेना की राष्ट्रीय राइफल्स) को इस ठिकाने से युद्ध जैसा सामान और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें मिली हैं। बरामदगी की सूची इस प्रकार है:

1. हथियार और गोला-बारूद
- दो हथगोले (Hand Grenades): ये सक्रिय हालत में थे, जिन्हें बाद में बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया।
- AK-47 की गोलियां: लगभग 24 कारतूस बरामद किए गए, जिनमें से कई पर जंग लगी हुई थी (Pakistani origin)।
- वायरलेस एंटीना: संचार के लिए इस्तेमाल होने वाला उपकरण।
2. खाने-पीने का सामान (मीट और खजूर)
- मीट से भरा स्टील कनस्तर: ठिकाने के अंदर खाने के लिए रखा गया मीट मिला।
- खजूर: करीब 1 किलो सड़े हुए खजूर भी बरामद हुए, जो आतंकियों के एनर्जी फूड के तौर पर इस्तेमाल होते हैं।
- अन्य सामग्री: एक खाली कोल्ड ड्रिंक की बोतल और बर्तन।
3. दवाएं और मेडिकल सप्लाई
- ठिकाने से भारी मात्रा में प्राथमिक उपचार की दवाएं, पट्टियां और अन्य मेडिकल उपकरण मिले हैं। इससे स्पष्ट होता है कि आतंकी घायल होने की स्थिति में खुद का इलाज करने की तैयारी में थे।
4. सर्वाइवल और रोजमर्रा का सामान
आतंकी जंगल की भीषण ठंड में बचने के लिए पूरी तैयारी के साथ आए थे:
- उपकरण: कुल्हाड़ी, आरी, वायर कटर, फावड़ा और पिकैक्स (गैंती)।
- कपड़े और बिस्तर: जैकेट, पैंट, कंबल, रजाई, सिर पर पहनने वाली गरम टोपियां (Caps), मोजे और जूते।
- सुरक्षा: बारिश और बर्फबारी से बचने के लिए छाते और वाटरप्रूफ कैरी बैग।
कार्रवाई का विवरण
यह ऑपरेशन बारामूला पुलिस की 53 बटालियन CRPF, 46 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और सेना की सर्विलांस टीम द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। खुफिया जानकारी मिली थी कि शेरी इलाके के सुचलिवारन जंगल में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को एक चट्टान और झाड़ियों के पीछे बना यह गुप्त ठिकाना दिखा। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, बम निरोधक दस्ते की मदद से इस ठिकाने को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
अधिकारियों का बयान: “यह बरामदगी दर्शाती है कि आतंकवादी उत्तरी कश्मीर के दुर्गम वनों में अपना लॉजिस्टिक सपोर्ट बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। इस ठिकाने के नष्ट होने से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है।”
